सिरोही के चौहान

सिरोही के चौहान | प्राचीन साहित्य में सिरोही को अबूंद प्रदेश कहा गया है। कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम शिवपुरी था। 1311 ई. को यहाँ पर चौहान साम्राज्य की स्थापना की गई थी

सिरोही के चौहान

प्राचीन साहित्य में सिरोही को अबूंद प्रदेश कहा गया है। कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम शिवपुरी था। यह क्षेत्र मौर्य, क्षेत्रप, हूण, परमार, राठौड़, चौहान, गुहिल आदि शासकों के अधीन रहा। मध्यकाल में यहाँ परमारों का राज्य था जिनको राजधानी चन्द्रावती थी।

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इन्हीं के शासनकाल में चन्द्रावती के भव्य मंदिर एवं सुन्दर मूर्तियों का निर्माण हुआ था। सिरोही के देवड़ाओं का आदि पुरुष लुम्बा जालौर की देवडा शाखा का था, जिसने 1311 ई. के लगभग आबू और चन्द्रावती को परमारों से छीनकर वहाँ अपनी स्वतन्त्रता स्थापित की।

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उसने 1320 ई. में अचलेश्वर मन्दिर का जीर्णोद्धार कर एक गाँव हैडी भेंट किया। ऋषि का मन्दिर बनवाया और वशिष्ठ के मन्दिर के लिए गाँव भेंट किये। इन शासकों की राजधानी कभी चन्द्रावती और कभी अचलगढ़ में रही।

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सिरोही के चौहान FAQ

Q 1. प्राचीन साहित्य में सिरोही को कौनसा प्रदेश कहा गया है?

Ans – प्राचीन साहित्य में सिरोही को अबूंद प्रदेश कहा गया है.

Q 2. कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम क्या था?

Ans – कर्नल टॉड के अनुसार सिरोही नगर का मूल नाम शिवपुरी था.

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Q 3. मध्यकाल में सिरोही पर किसका राज्य था?

Ans – मध्यकाल में सिरोही पर परमारों का राज्य था.

Q 4. सिरोही पर चौहान साम्राज्य की स्थापना कब की गई थी?

Ans – सिरोही पर चौहान साम्राज्य की स्थापना 1311 ई. को की गई थी.

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