राव बीका

राव बीका | बीकानेर राज्य का संस्थापक एवं प्रथम महाराजा राव बीका मारवाड़ के राव जोधा का दूसरा बड़ा (पहला पुत्र नींबा था जो कुंवरपदे में ही मर गया) पुत्र था। यह सांखली रानी नौरंगदे का पुत्र था

राव बीका

बीकानेर राज्य का संस्थापक एवं प्रथम महाराजा बीका मारवाड़ के राव जोधा का दूसरा बड़ा (पहला पुत्र नींबा था जो कुंवरपदे में ही मर गया) पुत्र था। यह सांखली रानी नौरंगदे का पुत्र था। एक मान्यता के अनुसार जांगल प्रदेश को राव बीका और जाट नेता नरा ने मिलकर जीता, दोनों के नाम पर इस प्रदेश का नाम बीकानेर पड़ा। इस अभियान में राव बीका को करणी देवी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ जिससे बीका ने अनेक छोटे-बड़े कबीलो को जीत लिया। 1472 ई. में कोडमडेसर में स्वयं को राजा घोषित किया।

इस प्रकार बीकानेर में राठौड़ वंश की स्थापना हुई। सन् 1485 में ‘रातीघाटी में गढ़ की नींव रखी 1488 ई. में राव बीका ने अपने नाम से बीकानेर नगर बसाया तथा इसे अपनी राजधानी बनाया जो राठौड़ सत्ता का द्वितीय प्रमुख केन्द्र बन गया। ‘कर्मचन्द्र वंशोत्कीर्तन काव्यम्’ में नगर का नाम ‘विक्रमपुर’ दिया है।

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महाराणा कुंभा की हत्या का घृणित कार्य कर उसके बड़े पुत्र उदा को मेवाड़ के सामन्तों ने उसके छोटे भाई रायमल की सहायता से उसे वहां से निकाल दिया। वह सहायता के लिए जगह-जगह फिरता रहा। अंत में वि.स. 1530 (1473 ई) अपने दोनों पुत्रों सँसमल तथा सूरजमल सहित बीका के पास चला गया। बीका ने उसको शरण तो दी परंतु उसकी सहायता नहीं की, जिससे कुछ समय बाद वह मांडू के सुल्तान गयासशाह खिलजी के पास चला गया। बीढ़ सूजा के ‘जैतसी रो छन्द’ में पाया जाता है कि बीका ने देरावर, मुम्मणवाहण, सिरसा, भटिंडा, भटनेर, नागड़, नरहड आदि स्थानों पर आक्रमण कर उन्हें अधिकृत किया तथा नागौर पर चढ़ाई कर उसे दो बार जीता।

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जोधपुर पर चढ़ाई

राव जोधा की मृत्यु के बाद राव सातल गद्दी पर बैठा। उसके बाद उसका छोटा भाई सूजा गद्दी पर बैठा। बीका ने राज-चिह्न आदि लाने के लिए जोधपुर गढ़ को घेर लिया। अंत में सूजा की माता हाड़ी राणी जसमादे स्वयं गढ़ से बाहर आकर बीका से मिली और कहा- “तू ने अपना राज्य स्थापित कर लिया है।

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अपने छोटे भाइयों को रखेगा तो वे रहेंगे।” बीका ने कहा- “माता मैं तो “पूजनीक चीजे” चाहता हूं।” तब जसमादे ने पूजनीक चीजे उसे देकर सुलह कर ली, जिनको लेकर बीका बीकानेर चला गया। बीका का अंतिम आक्रमण रेवाड़ी पर हुआ। बीकानेर लौटकर राज्य करते हुए वि.स. 1561 (ई.स. 1504) को बीका का देहांत हो गया। बीका के 10 पुत्र हुए- नरा, लूणकर्ण, राजसी, मेघराज, केलण, देवसी, विजयसिंह, अमरसिंह और वीसा आदि। राव बीका की मृत्यु होने पर उसका ज्येष्ठ पुत्र नरा बीकानेर का स्वामी बना।

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राव बीका FAQ

Q 2. महाराज बीका किसका पुत्र है?

Ans – महाराज बीका राव जोधा का पुत्र है.

Q 3. महाराज बीका ने स्वयं को कब राजा घोषित किया था?

Ans – महाराज बीका ने स्वयं को 1472 ई. में राजा घोषित किया था.

Q 4. राजा बीका ने खुद को राजा कहाँ घोषित किया था?

Ans – राजा बीका ने स्वयं को कोडमडेसर में घोषित किया था.

Q 5. बीका का देहांत कब हुआ था?

Ans – बीका का देहांत 1561 ई. को हुआ था.

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