डाकन प्रथा

डाकन प्रथा | मध्यकाल में कई कुप्रथाएँ प्रचलित थी, जिनमें से एक प्रमुख प्रथा डाकन प्रथा थी. इसमें किसी महिला को इस बात के लिए दोषी ठहराया जाता था कि वह बच्चों को खा जाती है

डाकन प्रथा

मध्यकाल में कई कुप्रथाएँ प्रचलित थी, जिनमें से एक प्रमुख प्रथा डाकन प्रथा थी. इसमें किसी महिला को इस बात के लिए दोषी ठहराया जाता था कि वह बच्चों को खा जाती है

विशेषकर जनजातियों में किसी महिला को इस बात के लिए दोषी ठहराया जाता था कि वह बच्चों को खा जाती है, डाकन कहलाती थी, जिसे मार दिया जाता था। कानून बनने के बाद भी इस प्रकार की घटनाएँ होती रहीं। वर्तमान समय में भी यदा-कदा ऐसी घटनाएँ घटित होती रहती हैं। यह समाज के पिछड़ेपन एवं अशिक्षा का परिणाम है।

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डाकन प्रथा FAQ

Q 1. डाकन परंपरा के अनुसार महिलाओ को किस बात का दोषी ठहराया जाता था?

Ans – डाकन परंपरा के अनुसार महिलाओं को इस बात के लिए दोषी ठहराया जाता था कि वह बच्चों को खा जाती है.

Q 2. डाकन किसे कहा जाता था?

Ans – किसी महिला को इस बात के लिए दोषी ठहराया जाता था कि वह बच्चों को खा जाती है, डाकन कहलाती थी.

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