महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय

महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय | महाराजा तख्तसिंह के दो पुत्र थे। महाराजा तख्तसिंह ने अपने छोटे पुत्र जसवन्तसिंह को जोधपुर का महाराजा बनाया था

महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय

महाराजा तख्तसिंह के दो पुत्र थे। महाराजा तख्तसिंह ने अपने छोटे पुत्र जसवन्तसिंह को जोधपुर का महाराजा बनाया था। इन्होंने 1892 ई. में जसवन्त सागर का निर्माण करवाया जो जोधपुर जिले का सबसे हरा भरा क्षेत्र माना जाता है।

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जोधपुर में स्थित जुबली कोर्ट परिसर का निर्माण महाराजा जसवन्त सिंह के प्रधानमंत्री प्रतापसिंह ने करवाया था। यह महारानी विक्टोरिया के शासन के 50 वर्ष पूरे होने की प्रशंसा में स्थापित किया गया। महाराजा जसवन्तसिंह की प्रीतपात्री नन्ही जान जोधपुर में अत्यन्त प्रभावशाली महिला थी।

एक बार महर्षि दयानन्द सरस्वती ने राजा जसवन्तसिंह को मंदिरा के नशे में धुत होकर नन्हीं की पालकी को अपने कंधे पर उठाये हुए देख लिया इससे क्रुध होकर महर्षि दयानन्द ने राजा को धिक्कारा। इससे कुपित होकर नन्ही ने महाराजा के रसोईये गौड मिश्रा के साथ मिलकर महर्षि दयानन्द को विष दिया बताया। स्वामी जी को अजमेर लाया गया जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।

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महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय FAQ

Q 1. महाराजा तख्तसिंह के कितने पुत्र थे?

Ans – महाराजा तख्तसिंह के दो पुत्र थे.

Q 2. महाराजा तख्तसिंह ने किसको जोधपुर का महाराजा बनाया था?

Ans – महाराजा तख्तसिंह ने अपने छोटे पुत्र जसवन्तसिंह को जोधपुर का महाराजा बनाया था.

Q 3. जसवन्त सागर का निर्माण कब करवाया गया था?

Ans – जसवन्त सागर का निर्माण 1892 ई. में करवाया गया था.

Q 4. जसवन्त सागर का निर्माण किसने करवाया था?

Ans – जसवन्त सागर का निर्माण महाराजा जसवंत सिंह ने करवाया था.

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