लॉर्ड रिपन | lord Ripon

लॉर्ड रिपन | lord Ripon | ‘जॉर्ज फ़्रेडरिक सैमुअल राबिन्सन’ लॉर्ड रिपन का पूरा नाम था. 1880 से 1884 तक लॉर्ड रिपन भारत के वायसराय थे. रिपन उदारमतवादी थे

लॉर्ड रिपन | lord Ripon

प्रधानमंत्री ग्लैडस्टोन की परामर्श पर रिपन ने सर्वप्रथम समाचारपत्रों की स्वतंत्रता को बहाल करते हुए सन 1882 ई. में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को समाप्त कर दिया व भारतीय भाषाओँ में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों को भी वहीँ सुविधाएँ दी गई थी जो एनी समाचार पत्रों को प्राप्त थी.

यह भी देखे :- नेपोलियन बोनापार्ट | Napoleon Bonaparte

इसमें सिविल सेवा में प्रवेश की अधिकतम आयु की सीमा को 19 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया था. इसने स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की थी. 8 मई 1882 ई. को स्थानीय स्वशासन संबंधी कानून बनाया जिसके आधार पर विभिन्न प्रान्तों में 1883 ई. से 1885 ई. के मध्य स्थानीय स्वशासन संबंधी कानून बनाए थे.

  • रिपन के समय में ही भारत में सन 1881 ई. में सर्वप्रथम नियमित जनगणना करवाई थी.
  • 1881 ई. से लेकर अब तक प्रत्येक दस वर्ष के अन्तराल पर जनगणना की जाती है.
  • 1881 ई. की जनगणना में हैदराबाद व राजपूताने को नहीं जोड़ा गया था.
  • भारत में पहली बार जनगणना सन 1872 ई. में हुई थी, परन्तु इसमें भारत के सम्पूर्ण भागों का प्रतिनिधित्व नहीं हुआ था,. इस जनगणना में भारत का लगभग 20 % छूट गया था.
  • रिपन के द्वारा ही सन 1881 ई. में प्रथम कारखाना अधिनियम लाया गया था.
  • इसमें 7 वर्ष से कम आयु के बच्चे को काम करने के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया था.
  • 7 से 12 वर्ष के श्रमिकों के लिए 9 घंटे से अधिक कार्य करे जाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था.
  • यह एक्ट चाय, कॉफी व नील की खेती पर लागू नहीं था.
  • रिपन के समय में शैक्षिक सुधारों के अंतर्गत विलियम हंटर की अध्यक्षता में एक आयोग को गठित किया था.
यह भी देखे :- प्रथम विश्वयुद्ध | First world war
लॉर्ड रिपन | lord ripon
लॉर्ड रिपन | lord Ripon

2 फरवरी 1883 ई. को यूरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्यायधीशों द्वारा मुकदमे की सुनवाई के लिए इल्बर्ट विधेयक प्रस्तुत किया गया, लेकिन यूरोपवासियों के प्रबल विरोध के कारण इसे वापस लेना पड़ा था. अंग्रेजों द्वारा इस विधेयक के विरोध में किए गए विद्रोह को श्वेत विद्रोह के नाम से जाना जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने रिपन को भारत के उद्धारक की संज्ञा दी थी.

यह भी देखे :- द्वितीय विश्वयुद्ध | second World War

लॉर्ड रिपन | lord Ripon FAQ

Q 1. लॉर्ड रिपन का पूरा नाम क्या था?

Ans ‘जॉर्ज फ़्रेडरिक सैमुअल राबिन्सन’ लॉर्ड रिपन का पूरा नाम था.

Q 2. लॉर्ड रिपन भारत के वायसराय कब से कब तक रहे थे?

Ans 1880 से 1884 तक लॉर्ड रिपन भारत के वायसराय थे.

Q 3. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को किसने समाप्त किया था?

Ans रिपन ने वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को समाप्त किया था.

Q 4. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को कब समाप्त किया गया था?

Ans सन 1882 ई. में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को समाप्त कर दिया गया था.

Q 5. किसकी परामर्श पर सर्वप्रथम समाचारपत्रों की स्वतंत्रता को बहाल करते हुए वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को समाप्त कर दिया था?

Ans प्रधानमंत्री ग्लैडस्टोन की परामर्श पर रिपन ने सर्वप्रथम समाचारपत्रों की स्वतंत्रता को बहाल करते हुए वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को समाप्त कर दिया.

Q 6. स्थानीय स्वशासन की शुरुआत किसने की थी?

Ans रिपन ने स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की थी.

Q 7. सम्पूर्ण भारत की पहली जनगणना कब हुई थी?

Ans सम्पूर्ण भारत की पहली जनगणना सन 1881 ई. में हुई थी.

Q 8. भारत में सर्वप्रथम नियमित जनगणना की शुरुआत किसके काल में हुई थी?

Ans रिपन के समय में ही भारत में सर्वप्रथम नियमित जनगणना शुरुआत हुई थी.

Q 9. 1881 ई. की जनगणना में किन-किन को नहीं जोड़ा गया था?

Ans 1881 ई. की जनगणना में हैदराबाद व राजपूताने को नहीं जोड़ा गया था.

Q 10. भारत में पहली बार जनगणना कब हुई थी?

Ans भारत में पहली बार जनगणना सन 1872 ई. में हुई थी.

Q 11. प्रथम कारखाना अधिनियम किसके द्वारा लाया गया था?

Ans रिपन के द्वारा ही प्रथम कारखाना अधिनियम लाया गया था.

Q 12. प्रथम कारखाना अधिनियम कब लाया गया था?

Ans सन 1881 ई. में प्रथम कारखाना अधिनियम लाया गया था.

Q 13. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने रिपन को भारत के किसकी संज्ञा दी थी?

Ans फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने रिपन को भारत के उद्धारक की संज्ञा दी थी

Q 14. 1872 ई. की जनगणना में भारत का कितना छूट गया था?

Ans 1872 ई. की जनगणना में भारत का लगभग 20 % छूट गया था.

Q 15. 1881 ई. से लेकर अब तक कितने वर्ष के अन्तराल पर जनगणना की जाती है?

Ans 1881 ई. से लेकर अब तक प्रत्येक दस वर्ष के अन्तराल पर जनगणना की जाती है.

आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.. यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसन्द आया तो इसे अपने मित्रों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों के साथ शेयर करना मत भूलना ताकि वे भी इस आर्टिकल से संबंधित जानकारी को आसानी से समझ सके.

यह भी देखे :- फ्रांस की राज्यक्रांति | French Revolution

Follow on Social Media


केटेगरी वार इतिहास


प्राचीन भारतमध्यकालीन भारत आधुनिक भारत
दिल्ली सल्तनत भारत के राजवंश विश्व इतिहास
विभिन्न धर्मों का इतिहासब्रिटिश कालीन भारतकेन्द्रशासित प्रदेशों का इतिहास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *