काकिल देव : कछवाहा राजवंश

काकिल देव : कछवाहा राजवंश | काकिल देव ने सन् 1035 ई. में आमेर के मीणाओं को परास्त कर आमेर को अपने राज्य में मिला लिया व उसे अपनी राजधानी बनाया

काकिल देव : कछवाहा राजवंश

दुल्हराय ने रामगढ़ में अपनी कुलदेवी जमवाय माता का मंदिर बनाया। इन्हीं के पौत्र काकिल देव ने सन् 1035 ई. में आमेर के मीणाओं को परास्त कर आमेर को अपने राज्य में मिला लिया व उसे अपनी राजधानी बनाया।

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काकिल देव : कछवाहा राजवंश
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इसे खोह, झोटवाड़ा, गैटोर आदि भाग के मीणों को परास्त करने के फलस्वरूप मिले थे। तभी से आमेर कच्छवाहों की राजधानी जयपुर निर्माण तक बनी रही। इसी ने यादवों से ‘मेड़’ और ‘बैराठ’ जीते।

कच्छवाहा कुछ समय चौहानों के तथा पीछे गुहिलों के राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में रहे। आगे चलकर मुगल सत्ता से संबंध जोड़ने से कच्छवाहों का राजस्थान में प्रभाव बढ़ गया।

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काकिल देव : कछवाहा राजवंश FAQ

Q 1. रामगढ़ में कुलदेवी जमवाय माता का मंदिर किसने बनाया था?

Ans – रामगढ़ में कुलदेवी जमवाय माता का मंदिर दुल्हराय ने बनाया था.

Q 2. काकिल देव ने कब आमेर के मीणाओं को परास्त किया था?

Ans – काकिल देव ने सन् 1035 ई. में आमेर के मीणाओं को परास्त किया था.

Q 3. काकिल देव ने अपनी राजधानी कहाँ स्थापित की थी?

Ans – काकिल देव ने आमेर में अपनी राजधानी स्थापित की थी.

Q 4. किस कछवाहा शासक ने यादवों से ‘मेड़’ और ‘बैराठ’ जीते थे?

Ans – काकिल देव ने यादवों से ‘मेड़’ और ‘बैराठ’ जीते थे.

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