बूँदी के हाड़ा चौहान

बूँदी के हाड़ा चौहान | 1241 ई. के आस-पास हाड़ा चौहान देवसिंह ने मीणा शासक जैता को पराजित कर यहाँ पर चौहान साम्राज्य की स्थापना की थी

बूँदी के हाड़ा चौहान

राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी कोने वाले भाग का नाम हाड़ौती है जिसमें बूंदी और कोटा के भाग शामिल हैं। प्राचीनकाल से इस समूचे भाग पर मीणों का अधिकार था। जब यहां चौहानवंशीय हाड़ा शाखा का अधिकार हुआ तो सम्पूर्ण क्षेत्र को हाड़ौती और बून्दा मीणा के नाम से बूंदी पुकारने लगे।

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कुम्भाकालीन राणपुर लेख में बूंदी का नाम ‘वृन्दावती’ मिलता है। बूंदी के शासक लगभग 11 पीढ़ी तक मेवाड़ के अधीन रहे।

बूँदी के हाड़ा चौहान
बूँदी के हाड़ा चौहान
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1241 ई. के आस-पास हाड़ा चौहान देवसिंह ने मीणा शासक जैता को पराजित कर यहाँ पर चौहान साम्राज्य की स्थापना की थी. देवसिंह प्रारंभ में मेवाड़ स्थित बम्बावदा का सामंत था. इन्होनें अपने जीवनकाल में ही अपने पुत्र समर सिंह को बूंदी का शासक बना दिया था. समर सिंह ने अपने राज्य का विस्तार करते हुए कोटा को अपने अधीन कर लिया था.

बूँदी के प्रसिद्ध क़िले तारागढ़ का निर्माण बरसिंह हाड़ा ने करवाया था। तारागढ़ ऐतिहासिक काल में भित्ति चित्रों के लिए विख्यात रहा है। 25 मार्च 1948 ई. को बूंदी का राजस्थान में विलय कर दिया गया था.

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बूँदी के हाड़ा चौहान FAQ

Q 1. बूंदी में चौहान राज्य की स्थापना कब की गई थी?

Ans – बूंदी में चौहान राज्य की स्थापना 1241 ई. के लगभग की गई थी.

Q 2. बूंदी में चौहान साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

Ans – बूंदी में चौहान साम्राज्य की स्थापना देव सिंह चौहान ने की थी.

Q 3. बूंदी में चौहान साम्राज्य की स्थापना किस मीणा शासक को पराजित कर की गई थी?

Ans – बूंदी में चौहान साम्राज्य की स्थापना मीणा शासक जैता को पराजित कर की गई थी.

Q 4. प्राचीन काल में हाडौती पर किसका अधिकार था?

Ans – प्राचीन काल में हाडौती पर मीणा शासकों का अधिकार था.

Q 5. बूंदी का राजस्थान में विलय कब किया गया था?

Ans – बूंदी का राजस्थान में विलय 25 मार्च 1948 ई. को किया गया था.

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