प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण

प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण | Description of Chinese Writers During Travels in Ancient India | चीनी लेखकों का विवरण | Description of Chinese writers

प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण

यह भी देखे :- प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान यूनानी रोमन लेखकों का विवरण

प्रमुख चीनी लेखक

  1. फाहियान
  2. संयुगन
  3. ह्वेनसांग
  4. इत्सिंग
प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण
प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण
यह भी देखे :- जैन साहित्य क्या है | What is Jain Literature

यात्रा का वर्णन

  • फाहियान
    • फाहियान चीनी यात्री गुप्त नरेश चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था.
    • फाहियान ने अपने विवरण में मध्य प्रदेश की संस्कृति व समाज के बारें वर्णन किया है.
    • फाहियान ने मध्य प्रदेश की प्रजा को समृद्ध व सुखी बताया था.
    • फाहियान 14 वर्ष तक भारत में रहा था.
  • संयुगन
    • संयुगन भारत में 518 ई. में आया था.
    • संयुगन ने अपने 3 सैलून की यात्रा में बौद्ध धर्म की प्राप्तियां एकत्रित की.
  • ह्वेनसांग
    • ह्वेनसांग हर्षवर्धन के काल में भारत में यात्रा पर आया था.
    • 629 ई. में ह्वेनसांग ने भारत यात्रा के लिए चीन से प्रस्थान किया था व लगभग 1 वर्ष की यात्रा के बाद वह सर्वप्रथम भारत के राज्य कपिशा पहुंचा.
    • भारत में ह्वेनसांग 15 वर्ष की यात्रा के बाद 645 ई. में चीन लौट गया था.
    • ह्वेनसांग बिहार नालंदा जिला स्थित नालंदा विश्विद्यालय में अध्ययन करने व भारत से बौद्ध ग्रंथों को एकत्रित कर अपने साथ ले जाने के लिए आया था.
    • ह्वेनसांग का भ्रमण वृतांत सि-यु-की नाम से प्रसिद्ध है, जिसमें 138 देशों का विवरण मिलता है.
    • ह्वेनसांग ने हर्ष कालीन राजनीति, धर्म तथा समाज के बारें में वर्णन किया था.
    • ह्वेनसांग के अनुसार सिंध का राजा शुद्र था.
    • ह्वेनसांग ने बुद्ध की प्रतिमा के साथ साथ सूर्य व शिव की प्रतिमा का भी पूजन भी किया था.
    • ह्वेनसांग के अध्ययन समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य शीलभद्र थे.
    • नालंदा विश्वविद्यलय बौद्ध दर्शन के प्रसिद्ध था.
    • ह्वेनसांग को नीति का पंडित, यात्रियों में राजकुमार और वर्तमान शाक्यमुनि कहा जाता है.
  • इत्सिंग
    • इत्सिंग 7वी सदी के अंत में भारत की यात्रा पर आया था.
    • इत्सिंग ने अपने विवरण में नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय एवं अपने समय के भारत का वर्णन किया था.
यह भी देखे :- बौद्ध साहित्य क्या है | What is Buddhist Literature

प्राचीन भारत में यात्रा के दौरान चीनी लेखकों का विवरण FAQ

Q 1. फाहियान चीनी यात्री किसके दरबार में आया था?
See also  इस्लाम धर्म का इतिहास | History of Islam

Ans फाहियान चीनी यात्री गुप्त नरेश चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था

Q 2. फाहियान ने अपने विवरण में क्या वर्णन किया है?

Ans फाहियान ने अपने विवरण में मध्य प्रदेश की संस्कृति व समाज के बारें वर्णन किया है

Q 3. फाहियान कितने वर्ष तक भारत में रहा था?

Ans फाहियान 14 वर्ष तक भारत में रहा था.

Q 4. संयुगन भारत में कब आया था?

Ans संयुगन भारत में 518 ई. में आया था.

Q 5. ह्वेनसांग किसके काल में भारत में यात्रा पर आया था?
See also  पल्लव राजवंश | Pallava dynasty

Ans ह्वेनसांग हर्षवर्धन के काल में भारत में यात्रा पर आया था.

Q 6. ह्वेनसांग ने भारत यात्रा के लिए चीन से कब प्रस्थान किया था?

Ans 629 ई. में ह्वेनसांग ने भारत यात्रा के लिए चीन से प्रस्थान किया था.

Q 7. भारत में ह्वेनसांग कितने वर्ष की यात्रा के बाद चीन लौट गया था?

Ans भारत में ह्वेनसांग 15 वर्ष की यात्रा के बाद चीन लौट गया था.

Q 8. भारत से ह्वेनसांग चीन कब लौट गया था?

Ans भारत से ह्वेनसांग 645 ई. में चीन लौट गया था.

Q 9. ह्वेनसांग किस उद्देश्य से भारत यात्रा पर आया था?

Ans ह्वेनसांग बिहार नालंदा जिला स्थित नालंदा विश्विद्यालय में अध्ययन करने व भारत से बौद्ध ग्रंथों को एकत्रित कर अपने साथ ले जाने के लिए आया था.

See also  चोल राजवंश | Chola Dynasty
Q 10. ह्वेनसांग का भ्रमण वृतांत किस नाम से प्रसिद्ध है?

Ans ह्वेनसांग का भ्रमण वृतांत सि-यु-की नाम से प्रसिद्ध है.

Q 11. ह्वेनसांग के अध्ययन समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति कौन थे?

Ans ह्वेनसांग के अध्ययन समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य शीलभद्र थे.

Q 12. ह्वेनसांग को किन-किन नामों से जाना जाता है?

Ans ह्वेनसांग को नीति का पंडित, यात्रियों में राजकुमार और वर्तमान शाक्यमुनि कहा जाता है.

Q 13. इत्सिंग भारत की यात्रा पर कब आया था?

Ans इत्सिंग 7वी सदी के अंत में भारत की यात्रा पर आया था.

Q 14. इत्सिंग ने अपने विवरण किसका वर्णन किया था?

Ans इत्सिंग ने अपने विवरण में नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय एवं अपने समय के भारत का वर्णन किया था.

आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.. यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसन्द आया तो इसे अपने मित्रों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों के साथ शेयर करना मत भूलना ताकि वे भी इस आर्टिकल से संबंधित जानकारी को आसानी से समझ सके.

यह भी देखे :- पुराण क्या है | What is Puraan

केटेगरी वार इतिहास


प्राचीन भारतमध्यकालीन भारत आधुनिक भारत
दिल्ली सल्तनत भारत के राजवंश विश्व इतिहास
विभिन्न धर्मों का इतिहासब्रिटिश कालीन भारतकेन्द्रशासित प्रदेशों का इतिहास

Leave a Comment