अहोई अष्टमी का व्रत

अहोई अष्टमी का व्रत | भारत में कई प्रकार के उपवास प्रचलित है, इनमें से एक अहोई अष्टमी भी है. यह हिन्दू मास के अनुसार कार्तिक मास में किया जाता है

अहोई अष्टमी का व्रत

भारत में कई प्रकार के उपवास प्रचलित है, इनमें से एक अहोई अष्टमी भी है. यह हिन्दू मास के अनुसार कार्तिक मास में किया जाता है. यह उपवास कार्तिक कृष्णा अष्टमी को किया जाता है. इस निर्जला व्रत का पुत्रवती माताओं के लिए विशेष महत्व है। इस दिन व्रती महिलाएं सब तरह की कच्ची रसोई विधिपूर्वक तैयार करती है। संध्या को दीवार पर आठ कोष्ठक की एक पुतली बनाई जाती है। उसी के पास सेई के बच्चों व सेई की आकृति बनाई जाती है। कलश की स्थापना के बाद पूजन किया जाता है। तारा निकलने पर उसे अर्ध्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

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अहोई अष्टमी का उपवास FAQ

Q 1. अहोई अष्टमी का उपवास कब किया जाता है?

Ans – अहोई अष्टमी का उपवास कार्तिक कृष्णा अष्टमी को किया जाता है.

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